आज हम सब का दिन है। दुनिया भले ही इसे मूर्ख दिवस कहे मगर मूर्ख बनना हर किसी के बस की बात नही है। इसके लिये भावुकता चाहिए और भावनाओं के लिये दिल। आप सबको मूर्ख दिवस की बधाई। गर्व से कहो, हम मूर्ख हैं।
मेरे जज़बात ही मुझसे सम्हाले नही जाते
कुछ पन्ने इस किताब के निकाले नही जाते
मेरे एतबार को फाँसा दिमाग वालों ने अक्सर
ज़िंदगी से आज भी मकड़ जाले नही जाते
- प्रशांत सेठ
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