यूँ तो जीवन स्वयं ही उत्सव है। और ऐसे में इस रंगोत्सव का आगमन। विविध रंग लेकर आया ये त्यौहार, मौसम बदलने का संदेश भी साथ लाता है। फिर भी मात्र परम्पराओं को निभाने से उत्सव उत्सव नहीं बनता। उत्सव तो वह है जो जीवन की नीरसता को समाप्त कर, आनंद को उत्पन्न कर दे। और भीतर आनंद उत्पन्न करने के प्रयास में कुछ नवीन विचारों ने जन्म लिया।
होली का त्यौहार हमारे आपके जीवन में खुशियों के रंग भर सके, इसके लिए मेरी निवेदनात्मक शुभकामनाओं पर ....
!! होली में विचार करें !!
प्रकृति का श्रृंगार है ये
फागुन का उपहार है ये
जीवन में रंगों की आज
विविधता स्वीकार करें
होली को त्यौहार करें
हरे तुम हो लाल हम हैं
अबीर तुम गुलाल हम हैं
एक दूजे के रंग में रंगें
पिचकारी में प्यार भरें
होली को त्यौहार करें
दुःख में निहित सुख को जानें
सुख में छुपा दुःख पहचानें
मौसम की ये आँख मिचोली
आओ अंगीकार करें
होली को त्यौहार करें
वक़्त से पहले हारें क्यों
सपनों को हम मारें क्यों
समय की करवट का हम
थोडा तो इंतज़ार करें
होली को त्यौहार करें
लक्ष्य बहुत दूर है माना
रस्ता भी है अनजाना
थकने से और रुकने से
आओ हम इनकार करें
होली को त्यौहार करें
कुछ एहसास सो गए हैं
कुछ रिश्ते भी खो गए हैं
प्रेम की एक नौका लेकर
द्वेष का दरिया पार करें
होली को त्यौहार करें
स्याह रंग की कुछ यादें हैं
कड़वी सी कुछ सौगातें हैं
दहन करें उनको अग्नि में
खुद पर ये उपकार करें
होली को त्यौहार करें
© - प्रशांत सेठ