इस मुल्क की सियासत में मेरा किरदार क्या है?
सोचता हूँ वतन को मुझसे दरकार क्या है?
मेरी कलम है सलामत तो यकीन है मुझे
इसके आगे ज़ुल्मत की तलवार क्या है?
- प्रशांत सेठ
सोचता हूँ वतन को मुझसे दरकार क्या है?
मेरी कलम है सलामत तो यकीन है मुझे
इसके आगे ज़ुल्मत की तलवार क्या है?
- प्रशांत सेठ
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