An unusual combination of a business mind, a writer's heart and a philosopher's soul
Friday, February 21, 2014
हौसला देखें
एक लौ ने चिराग की सोचा, चलो यूँ भी कर देखें अंधेरों में जलकर आज, अपने उजालों का असर देखें इस स्याह रात से जीत पाना, यकीनन मुश्किल तो है हार क्या जीत क्या, चलो अपना जिगर देखें
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