सत्ता की कप्तानी में खेलते हुये, भ्रष्टाचार की टीम से माफिया ने बॉल डाली और क्लीन बोल्ड..!!!
डी के रवि पवेलियन की और लौट गये बिना खाता खोले ही। नैतिकता की टीम पर ज़बरदस्त दबाव। इसके पहले मंजुनाथ, अमित जेठवा और कई बिना खाता खोले ही लौट चुके हैं। ज़ुबान भर खोल पाये थे बेचारे..
अगला बैट्समेन कोई आने को तैयार नहीं। पुराने धरनावीर और अनशनकारी पहले ही राजनीतिक स्वार्थ से चोटिल हो कर घर लौट चुके हैं। और इस तरह Duckworth Lewis नियम से ईमानदारी को पराजित घोषित किया जाता है। इस साल का वर्ल्ड कप फिर भ्रष्टाचार को....
माफ़ करना दोस्त #DKRavi; क्रिकेट के बुखार में डूबे हिन्दुस्तान को याद दिलाने का और कोई उपाय नहीं सूझा मुझे। ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दे। हम कमज़ोरों के पास तो अंतहीन चुप्पी है ही...
चल देते हैं चुपचाप यूँ अक्स ईमान के
ख़ामोशी से बह जाते हैं अश्क हिंदुस्तान के
Shshshshhh मुंह खोल के आउट होना है क्या?
© - प्रशांत सेठ
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